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अपने आखिरी संदेश में प्रणब मुखर्जी ने हिंसा करने वाले गोरक्षकों की अच्छे से क्लास ले ली !

Written by Alina Sheikh

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल पूरा हो चुका है और ऐसे में अब देश के नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं. प्रणब मुखर्जी ने जाते जाते अपने देश के नाम आखिरी सन्देश में कुछ ऐसा कहा जो हिंसा करने वालों को शर्मसार कर जायेगा. हम आये दिन रोज अपने आसपास हिंसात्मक घटनाओं को होते देखते हैं और जिस तरीके से कट्टर सोच वाले हावी हो रहे हैं वो बेहद चिंताजनक है. आपको बता दें कि मोदी सरकार के आने के बाद ऐसी घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है और सरकार अभी तक ऐसे लोगों पर लगाम लगाने में विफल रही है. कभी कोई मांस के लिए मार दिया जा रहा है तो कोई गाय ले जाते हुए. आखिर कोई अपनी मर्जी से जब जी भी नही सकता तो फिर कैसा लोकतंत्र है ये ?

देश के नाम आखिरी सन्देश में प्रणब मुखर्जी ने देशभक्ति के नाम पर हो रही हिंसा पर कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिसके चलते बजरंग दल और गोरक्षकों को शर्म आनी चाहिए, जिनका नाम कई बार ऐसी घटनाओं में आता रहता है जो देश की छवि ख़राब करते हैं. वैसे देश की छवि से उन्हें क्या मतलब है उन्हें तो सिर्फ अपनी दादागिरी दिखानी और हिंदुत्व को बढ़ावा देने है ऐसे प्रणब मुखर्जी का ये आखिरी सन्देश देश को सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसे गुंडों को रोकने के लिए सरकार के पास कोई प्लान नही है ?

आपको बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में बढ़ती हिंसा प्रवृत्ति पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि ‘हम रोज छोटी-छोटी बातों को लेकर हिंसा होते देख रहे हैं, और ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं जबकि हमें पता है कि हिंसा का हृदय अंधकार, अविश्वास और डर है. जबकि जरुरत है कि संवाद को हिंसा से मुक्त बने.’

उन्होंने ये भी कहा कि ‘हिंसा कैसी भी हो लेकिन देश के नागरिकों को हर तरह की हिंसा बचाना होगा. हिंसा चाहे शारिरिक हो मौखिक देश के लिए दोनों नुकसानदायक है. ये देश आधुनिक तभी बन सकता है जब सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार मिले. इस देश की पहचान उसकी विविधत है, जिसमें अलग-अलग विचारों को नाकारा नहीं जा सकता.’  राष्ट्रपति जाते जाते सीना चौड़ाकर हिंसा करने वालों को चेताया और उन्हें देश के लिए खतरा बताया.

देश के लिए बेहद गंभीर समस्या है कि गाय की रक्षा के खातिर इंसानों की जान जा रही है और खासकर एक विशेष धर्म को लोगों की और देश के लिए बेहद चिंता का विषय है.

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