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जीत के बाद अहमद पटेल ने मोदी और बीजेपी को लेकर जो कहा वो उनके होश उड़ा देगा!

Written by Alina Sheikh

गुजरात में राज्यसभा चुनाव हो चुके हैं और भाजपा को 3 सीटों में से 2 और कांग्रेस को 1 सीट मिली. वैसे बीजेपी कांग्रेस की इस एक सीट के लिए खूब ताकत लगा चुकी थी लेकिन नतीजा उसके पक्ष में नही रहा. यहाँ तक कि बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने तमाम हथकंडों को अपनाया लेकिन अहमद पटेल को हरा नही पाए. दरअसल अहमद पटेल सोनिया गाँधी के खास सलाहकार हैं और उनकी कांग्रेस की रणनीति बनाने में उनका प्रमुख योगदान रहता है. सोनिया गाँधी के इस ‘खास’ को राज्यसभा से बाहर रखने के लिए बीजेपी पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन कोई भी तरकीब काम न आई. आब आपको बता दें कि अहमद पटेल ने अपनी जीत के बाद कुछ कहा है कि मोदी समेत पूरी बीजेपी को अवाक् रह जाएगी.

अहमद पटेल ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा कि ‘बीजेपी ने खूब पैसा बहाया और सरकारी मशीनरियों का प्रयोग किया लेकिन उसके हाथ कुछ नही लगा, उसकी मंशा पर कांग्रेस ने पानी फेर दिया. जिस तरीके से प्रधानमन्त्री कांग्रेस मुक्त का सपना देख रहे हैं अगर ऐसे ही कारनामे करते रहे तो जनता सब देख रही है, एक दिन उनका कांग्रेस मुक्त भारत बनाने का सपना बीजेपी मुक्त भारत में तब्दील हो जायेगा.’

गुजरात राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव पर जिस तरीके का घमासान देखने को मिला वो अपने आप में सबसे अलग उदहारण है. इसका पूरा श्रेय बीजेपी को जाता है और खासकर बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह को. दरअसल बीजेपी को मिल रही कामयाबी में अमित शाह का रोल काफी गंभीर है और इसी को देखते हुए अमित शाह इस बात से आश्वस्त थे कि गुजरात राज्यसभा की सभी सीटों पर उन्हें ही विजय मिलेगी और सोनिया गाँधी खास सलाहकार अहमद पटेल को हार मिलेगी. सब कुछ सही चल रहा लग रहा था कि बीजेपी इस बार अहमद पटेल को राज्यसभा जाने से रोक देगी लेकिन जब नतीजा आया तो कांग्रेस को फायदा हुआ और बीजेपी के चाणक्य का घमंड चूर चूर हो गया.

आपको बता दें कि इस जोरदार लड़ाई में अहमद पटेल को 44 वोट मिले वहीँ बीजेपी के उम्मीदवार अमित शाह को 46 तथा स्मृति ईरानी को भी 46 वोट मिले. बीजेपी को झटका तब लगा जब उसके उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत को 38 वोट मिले और वो राज्यसभा नही जा सके. एक सीट के लिए रातभर चले इस ड्रामे में बीजेपी खासा परेशान नजर आयी लेकिन हम आपको बता दें कि अहमद पटेल को हराने के लिए बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने जीत की चाहत में कुछ ऐसे काम कर दिए जो बेहद घटिया माने जाते हैं.

पहला, शुरुआत कांग्रेस के विपक्ष नेता शंकर सिंह वाघेला से हुई, शंकर सिंह वाघेला ने अपने निजी कारणों से पार्टी से इस्तीफा दिया तो बीजेपी को मौका मिल गया किसी के फटे में तंग अड़ाने का, और वो शंकर सिंह वाघेला को लेकर ऐसे जाहिर करने लगी जैसे वाघेला बीजेपी में शामिल होने जा रहे हों. कांग्रेस को लगने लगा कि उसके हाथ से वाघेला का जाना काफी परेशानी खड़ा कर सकता है. वाघेला बीजेपी में जा सकते हैं, इस तरीके की हवा बनाकर बीजेपी काफी खुश नजर आ रही थी. वाघेला को लेकर सच ये था कि वाघेला का कोई इरादा ही नही था उस वक्त कि वो बीजेपी में जायेंगे.

दूसरा, जब वाघेला को लेकर किये गये वार पर बीजेपी को फायदा नही हुआ तो उन्होंने विधायकों की खरीद फरोख्त करने मन बना लिया और लोगों को लालच देकर उन्हें तोड़ने का काम करने लगे और जिससे बचने के लिए कांग्रेस ने अपने 44 विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट कर दिया. बीजेपी ने यहाँ भी अपने सत्ता में रहने और सरकारी तंत्र का दुरूपयोग किया. बेंगलुरु में, जहाँ कांग्रेसी विधायक ठहरे हुए थे, वहां ED की छापेमारी हुई, लोगों ने माना कि ये छापेमारी बीजेपी के इशारों पर हुई है और पार्टी विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है.

बीजेपी की एक भी कोशिश कामयाब नही हुई और जिस जीत का दंभ अमित शाह भर रहे थे उसे वो हासिल न कर सके. वैस अहमद पटेल का जीतना कांग्रेस के लिए एक संजीवनी जैसे है, क्योंकि वो सोनिया गांधी के खास सलाहकार हैं. वैसे सोनिया गाँधी ने जिस तरीके से 2004 में अपने दम पर पार्टी को खड़ा किया था और अटल बिहारी जैसे नेता को मात दी थी, उस बात को बीजेपी ठीक से पचा नही पा रही है और उसी लिए वो सोनिया गाँधी से जुड़े सभी लोगों को शक्ति विहीन कर देना चाहती है.

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