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योगी सरकार इस 15 अगस्त मुसलमानों को करेगी बड़ी धूमधाम से बेइज्जत, जानिए कैसे ?

Written by Alina Sheikh

उत्तर प्रदेश में जब बीजेपी सरकार बनी थी तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद धर्म खास की राजनीति शुरू हो जाएगी और भी वही रहा है. पहले एंटी रोमियो के नाम पर मुस्लिम लड़कों को परेशान किया गया और अब राष्ट्रवाद के नाम पर पूरे मुस्लिम कौम को टारगेट पर रखा गया है. इतना ही नही योगी सरकार ने तो बकायदे आदेश भी जारी कर दिया है कि इस बार 15 अगस्त को वीडियोग्राफी करके ये पता लगाया जाय की मुस्लिम बच्चों को तालीम देने वाले मदरसों में राष्ट्रगीत हुआ या नही. मतलब बीजेपी इस बात को कतई नही मानती कि देश की आज़ादी में मुस्लिमों ने भी अपना खून बहाया है और इस देश पर उनका भी उतना ही हक़ है जितना दूसरे धर्म के लोगों का.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने इस बार 15 अगस्त के दिन एक ऐसा आदेश पारित किया है जो धर्मवाद में डूबा हुआ नजर आ रहा है. योगी सरकार ने प्रदेश के सभी मदरसों में राष्ट्रगीत गाने और उसकी वीडियोग्राफी करने के लिए तुगलकी आदेश दिये हैं. मदरसों में 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व मनाये जाते हैं और इसको प्रोत्साहन के लिए दिए गये आदेशों का स्वागत करता है मुस्लिम समाज लेकिन इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करके मुस्लिमों और मदरसों पर नजर रखना एक तरीके से प्रदेश के मुस्लिमों पर शक करने जैसा है.

योगी आदित्य नाथ के इस फैसले पर अमल करने के लिए उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद बोर्ड की तरफ से 3 अगस्त को ही इसके बाबत जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को एक पत्र भेजा गया और निर्देश दिया गया है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुबह आठ बजे झंडारोहण हो और झंडारोहण के बाद राष्ट्रगान हो.

इतना ही नही इस आदेश में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दिए जाने का आदेश है. इस आदेश में कहा गया है कि इन सभी कार्यक्रमों की ठीक तरीके से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी दोनों कराकर जिले के अल्पसंख्यक अधिकारी को देने का निर्देश है.

उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि किसी मदरसे में ऐसे कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग होगी और ये तय किया जायेगा कि मदरसों में राष्ट्रगान हुआ या नही. ऐसे आदेशों से साफ़ साफ़ समझ में आ रहा है कि सरकार मदरसों पर नजर रख रही है और देश के मुसलमानों पर शक कर रही है. वहीं अगर उत्तर प्रदेश में इस वक्त मौजूद मदरसों की बात करें तो लगभग 8000 मदरसे हैं प्रदेश में जो प्रदेश मदरसा परिषद के तहत आते हैं. इनमें से 560 मदरसे ऐसे हैं जिनको सरकार पूरी तरह से वित्तीय मदद देती है. इस आदेश को लेकर कुछ मुस्लिम संगठनों ने ऐतराज जताया है.

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