National News Political

इस वजह से हुई है 30 लोगों की मौत, असली वजह आई सामने ! कुछ दिन पहले ही योगी इस हॉस्पिटल में..

Written by Alina Sheikh

बीजेपी कहती है कि वो उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में लगी है लेकिन इस सरकार में भी बदहाली का कुछ ऐसा आलम है जोकि पिछली सरकारों से भी बदतर है. बड़ी खबर आई गोरखरपुर से जोकि खुद मुख्यमंत्री योगी की कर्मभूमि है. योगी गोरखपुर से सासंद रह चुके हैं और यहाँ बदहाली छाने का ऐसा आलम है कि जो इसे बहुत पीछे ले जाता है. 11 अगस्त को एक BRD हॉस्पिटल से एक ऐसी खबर आई लोगों के दिलों को दहला गयी लेकिन सरकार खुद को बचाने के लिए अलग ही राग अलाप रही है. आपको बता दें कि गोरखपुर के BRD हॉस्पिटल में आक्सीजन की कमी के कारण लगभग 30 लोगों के मरने की खबर है लेकिन योगी सरकार इस तरह से किसी की मौत होने से नकार रही है.

आपको बता दें कि गोरखपुर में स्थित BRD हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज है और यहाँ बड़ी तादाद में लोग अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं लेकिन यहाँ हो रही लापरवाही की पोल उस वक्त खुल गयी जब जब मीडिया में अचानक 30 लोगों के मरने की खबर आने लगी. चारो तरफ सनसनी फ़ैल गयी कि आखिर इतनी भारी मात्रा में लोगों का एक साथ मर जाना आखिर कैसी लापरवाही है ये.

मीडिया ने इस खबर को हाथो-हाथ लिया और ये खबर चारों तरफ फ़ैल गयी. मीडिया बताये जा रही थी कि 30 लोग मरे गये हैं लेकिन योगी सरकार तो कुछ और ही कहे जा रही थी. जहाँ मीडिया आक्सीजन की कमी से 30 लोगों की मौत बता रही थी वहीं योगी सरकार इसे पूरी तरह से नकार रही है. खबर तो ये आयी थी कि ऑक्सीजन ठप होने की वजह से यह बड़ा हादसा हुआ. बताया जा रहा है कि 68 लाख रुपये की बकायेदारी होने के कारण अस्पताल की ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी गई थी और इसी कारण ये हादसा हुआ. आपको बता दें कि इस मदसे में मरने वाले महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर और कुशीनगर के बच्चे हैं.

योगी सरकार का कहना है कि आक्सीजन की कमी से एक भी मौत नही हुई, इस हॉस्पिटल में अलग अलग कारणों से 7 मौतें हुई है लेकिन उनकी वजह कुछ और है. आपको बता दें कि BRD हॉस्पिटल लोग अपनी परिजनों की लाशों को देखकर सन्न हैं कि आखिर अचानक से ऐसे कैसे हो गया और वहीं योगी सरकार इस मामले में पूरी तरह से अलग रुख देने में लगी हुई है. सरकार का कहना है कि गोरखपुर के जिलाधिकारी हॉस्पिटल में नजर बनाये हुए हैं और वहां मौजूद हैं.

वैसे गौर करने वाली बात ये है कि अभी कुछ पहले ही मुख्यमंत्री योगी ने खुद इस हॉस्पिटल का जायजा लिया था और कहा था कि यहाँ सब कुछ ठीक है लेकिन उनके दौरे के कुछ दिनों बाद ही इतनी भरी संख्या में लोगों की मौत हो जाना बड़ी लापरवाही का संकेत देता है. फिलहाल सरकार इतनी मौतों और आक्सीजन की कमी को भ्रामक बता रही है.

सच सामने आये इससे पहले ये ख्याल मन में जरूर आता है कि जब किसी बड़े नेता की तबियत ख़राब होती है तो वो किसी बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल की तरफ भागता है ये सोचकर कि वहां अच्छी और बेहतर सुविधा मिलेगी लेकिन आम जनता को कत्लखाना बन चुके सरकारी हॉस्पिटल का ही सहारा होता है लेकिन सरकार की तरफ से उसका भी ख्याल ठीक से नही रखा जाता.

Loading...

About the author

Alina Sheikh

Leave a Comment