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वीडियो: गोरखपुर अस्पताल में योगी गये थे दुःख प्रकट करने लेकिन देखिये लोगों ने उनके साथ क्या किया…!

Written by Alina Sheikh

गोरखपुर में बड़ा हादसा हुआ तो योगी के मंत्री बड़ी बेशर्मी के साथ कहने लगे कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नही बल्कि अलग लग वजहों से हुई है. जबकि मीडिया और स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की मौत गैस सिलेंडर की कमी से ही हुआ है. वैसे जब बच्चो के मरने की संख्या 60 से ऊपर पहुंची तो यूगी सरकार के मंत्रियों की जुबान खुली और उन्होंने इस पर अफ़सोस जताया. शर्म की बात तो ये है कि योगी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बहुत बेतुका बयान दिया, उन्होंने कहा कि इस महीने बच्चों की मौत होना यहाँ स्वाभाविक है. जिसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया और योगी सरकार की फजीहत करने लगे.

इतना ही नही हादसे के दूसरे दिन जब योगी समय निकालकर गोरखुपर के BRD हॉस्पिटल गये तो लोगों उनका जमकर विरोध किया. जिससे योगी के पसीने छूटते नजर आये. आपको बता दें कि योगी 13 अगस्त को गोरखपुर के बाबा राघव दास अस्पताल गये थे और जब वो अस्पताल गये तो लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाये और उन्हें काले झंडे भी दिखाए. जिससे साफ़ नजर आ रहा था कि योगी सरकार पर लोगों का गुस्सा काफी ज्यादा है.

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इन सबके बावजूद योगी सरकार यहीं नही रुकी, योगी के अस्पताल से वापस जाने के बाद ही ऐसा फरमान आया जो लोगों को हैरत में डाल रहा है.आपको बता दें कि गोरखपुर में BRD अस्पताल में 12 अगस्त को मौत का तांडव चला तो 60 से ज्यादा बच्चों की जान लेकर ही शांत हुआ. इस बेच योगी सरकार खुद को सच्चा साबित करने के लिए खूब भाग दौड़ कर रही है. हादसा होने के दूसरे दिन योगी को समय मिला तो गोरखपुर पहुंचे तो उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. वैसे जिन दिन हादसे की खबर ने पूरे देश को गमगीन कर दिया था उस दिन प्रदेश सरकार ने BRD मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया था. इन सबके बाद भी योगी सरकार को ठीक से तसल्ली नही मिली तो उन्होंने कई बच्चों की जान बचाने वाले डॉ. कफील को भी सस्पेंड कर दिया.

आपको बता दें कि डॉ. कफील ने आधी रात से अस्पताल में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मोर्चा संभाला था. डॉ. कफील इस मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस विभाग के इंचार्ज थे.  वाइस प्रिंसिपल और सुपरिटेंडेंट डॉक्टर कफील खान पर अब कई आरोप लगाये जा रहे हैं और उन्हें गलत बताया जा रहा है. जिस डॉ. की चर्चा एक दिन पहले मसीहा के तौर पर हो रही थी अब उसी को दरिंदा बताने पर तुली है सरकार और मीडिया.

आपको बता दें कि  सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय ये भी है कि डॉ. कफील मुस्लिम हैं और उनके रहते इतनी बड़ी गलती हो जाना प्रदेश सरकार को बरदाश्त नही हो रहा है. हालाँकि डॉ. कफील ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी बच्चों को बचाने के लिए और खुद अपनी गाड़ी से ऑक्सीजन गैस सिलेंडर भरकर लाये थे जिससे कई बच्चों की जान बची. अब डॉ. कफील की जगह भूपेन्द्र शर्मा को इस मेडिकल कॉलेज में जिम्मेदारी दी गयी है.

अब सोचने वाली बात ये है कि आखिर दूसरी सरकारों पर घोटालों और आरोपों का जखीरा झोंकने वाली बीजेपी सरकार में ऐसे हादसे हो जा रहे थे हैं लेकिन उनके मंत्री मीडिया के सामने आकर बयान देते हैं कि ऐसी मौतें अगस्त के महीने में होती रहती हैं और ये कोई बड़ी बात नही है.

अब इस सरकार से न तो कोई इस्तीफा मांग रहा है और न ही नैतिकता के आधार पर कोई इस्तीफा दे रहा है, आखिर कुछ तो शर्म करनी चाहिए ऐसे नेताओ या फिर सिर्फ राजनीति ही करनी आती है प्रदेश की जनता से. क्या लोगों की जान की कोई कीमत नही. माँ-बाप ने अपने बच्चों को पलक झपकते ही खो दिया और योगी सरकार है कि बदले की भावना में लोगों को निलम्बित कर रही है.

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Alina Sheikh

1 Comment

  • ye RSS wale kbhi bhi ache kam nhi krte lekin dushro ke achhe kam ko apne nam jroor kete hai. aur apni khrab kamoo aur nakani &badnami dushoo ke upar dalte hai. RSS ke pracharko ko yehi siksha di jati hai jhuth ko sach kaise bnao aur ye Rss ke pracharak b-khub ye kam ko anjam dete hai udharn ke taur per modi sabke samne hai jo jhuth bol kr satta me aya aur tin sal pure hone ke bad bhi jhuth pe jhuth bolta ja rha hai. socho samjho aur jhutheko sbak sikhao desh me ab ta ka sabse bda jhutha pradhanmantri.

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