National News Political

शरद यादव ने किया ऐसा कुछ कि गुजरात चुनाव को लेकर अमित शाह की नींद उड़ गयी

Written by Nazia

असली और नकली जेडीयू की लड़ाई के बीच शरद यादव गुट ने गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस और वाम दलों सहित समान विचारधारा वाले अन्य दलों के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। जेडीयू के शरद गुट के कार्यवाहक अध्यक्ष छोटूभाई वसावा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जदयू गुजरात में कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर भाजपा को चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि गुजरात में पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल से भी गठजोड़ करने की कोशिश की जा रही है।गौरतलब है कि शरद गुट ने कल यानी रविवार को दिल्ली में एक बैठक में बसावा को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया था। शरद यादव की मौजूदगी में हुई बैठक में जदयू के अध्यक्ष के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नियुक्ति को रद्द कर उनकी जगह वसावा को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। गुजरात विधानसभा में छह बार से विधायक वसावा ने केन्द्र में मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था तहस नहस हो गई है।

 

 

राज्य के प्रभावशाली आदिवासी नेता वसावा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल शुरू की गई सरदार सरोवर परियोजना से आम आदमी को भविष्य में कोई लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, “हम गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और अन्य वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। साथ ही हमारी कोशिश हार्दिक पटेल से भी चुनावी गठजोड़ करने की है।” गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।

पार्टी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्थिति के सवाल पर वसावा ने दावा किया कि कुमार ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि संगठन की बुनियाद कार्यकर्ता और पदाधिकारी होते हैं, विधायक और सांसद नहीं। वसावा ने जदयू के 20 प्रदेश इकाईयों के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने का दावा करते हुये कहा कि नीतीश के पास सिर्फ सत्ता के ‘लोभी विधायक और सांसदों’ का समर्थन हैं।

 

 

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला जदयू पहले ही राज्य सभा सभापति एम वैंकेया नायडू से जदयू सदस्य शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता रद्द करने की मांग कर चुका है। इस पर राज्य सभा सचिवालय ने यादव और अली अनवर से इस बारे में अपना पक्ष रखने को कहा है। अनवर ने बताया कि आज शरद गुट के नेताओं ने अपना जवाब देने के लिये एक महीने का समय मांगा है।

Loading...

About the author

Nazia

Leave a Comment